भारत सरकार की रोजगारपरक प्रमुख योजनाएँ
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई), भारतीय युवाओं को उद्योग सम्बन्धित कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से सक्षम बनाकर बेहतर आजीविका प्राप्त करने के लिए कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) की प्रमुख योजना है। योजना का यूआरएल:
दीनदयाल अन्त्योदय योजना (डीएवाई) : आवास और शहरी गरीबी उन्मूलन मंत्रालय (एचयूपीए) द्वारा 500 करोड़ रुपयों के निवेश के साथ प्रारम्भ की गई इस योजना का उद्देश्य कौशल विकास के माध्यम से स्थायी आजीविका के अवसरों को बढ़ाकर शहरी गरीब, बेपर एवं दिव्यांग लोगों के उत्थान के लिए 10,000 रुपये की प्रारम्भिक सहायता से लेकर उद्यम लगाने हेतु 5% 79% की ब्याज सब्सिडी सहित अधिकतम 10 लाख रूपये तक की सहायता प्रदान करना है। योजना का यूआरएल : nulm.gov.in दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना (डीडीयू-जीकेवाई): ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत
सरकार के द्वारा चलाई गई एवं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) से जुड़ी इस योजना का उद्देश्य
देश के 5.5 करोड़ (55 मिलियन) से अधिक ग्रामीण युवाओं को कौशल प्रदान करने के साथ नियमित मासिकवेतन या न्यूनतम मजदूरी पर रोजगार प्रदान करना है।योजना का यूआरएल: ddugky.gov.inस्टार्टअप इंडिया स्टार्टअप इंडिया नए विचारों और स्टार्टअप को प्रोत्साहित कर बड़े पैमाने पर रोजगार के
अवसर उत्पन्न करने के माध्यम से देश में आर्थिक विकास को मजबूती प्रदान करने की योजना है। (स्टार्टअप प्रौद्योगिकी या बौद्धिक सम्पदा से प्रेरित नए उत्पादों और सेवाओं के नवाचार, विकास, तैनाती या व्यावसायीकरण की दिशा में कार्य करने वाली पांच वर्षों में अपंजीकृत वह इकाई जिसका व्यापार 25 करोड़ रुपये योजना का यूआरएल: startupindia.gov.in प्रधानमंत्री रोजगार प्रोत्साहन योजना (पीएमआरपीवाई) यह नए रोजगारों के सूर्जन के लिए रोजगार से अधिक नहीं है।)
प्रदान करने वालों को प्रोत्साहित करने की योजना है। जहां भारत सरकार रोजगार प्रदान करने वालों को पेंशनभुगतान योजना का 8.33% भुगतान करेगी।योजना का यूआरएल pmrpy.gov.in
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) इस योजना में लघु उद्यमों के विकास को वित्तपोषण प्रदान करनेके लिए शिशु, किशोर एवं तरुण नाम से तीन प्रमुख छोटी उप-योजनाएं की क्रियान्विति की गई है। जिनकेन्त अnterर्गत जरूरी सहायता सहित शिशु योजना में 50,000 रूपये तक के ऋण, किशोर योजना में 50,000 रूपये से
अधिक एवं 5 लाख रूपये तक के ऋण एव तरुण योजना में 5 लाख रूपये से ऊपर और 10 लाख रूपये तक केऋण को प्रदान करने का प्रावधान किया गया है।योजना का यूआरएल: www.mudra.org.in
मेक इन इंडिया : यह वैश्विक स्तर पर भारत को विनिर्माण क्षेत्र में वृहद राष्ट्र के रूप में स्थापित करने के लिए सितम्बर 2014 में भारत के प्रधानमन्त्री द्वारा प्रारम्भ की गई योजना है। इस योजना के अन्तर्गत दुनिया भर के सम्भावित भागीदारों और निवेशकों को भारत में निवेश के लिए आमन्त्रित करना था। भारत में न केवल विनिर्माण में बल्कि अन्य क्षेत्रों में उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए "मेक इन इंडिया" चार स्तंभों नई प्रक्रियाएं, नई बुनियादी सुविधा, नया क्षेत्र एवं नई मानसिकता, पर आधारित है।
स्टैंड अप इन्डिया
योजना का यूआरएल: www.makeinindia.com शाखा द्वारा कम से कम एक अनुसूचित जाति अथवा
स्टैंड-अप इन्डिया, प्रत्येक बैंक अनुसूचित जनजाति उधारगृहीता (ऋण लेने वाला) और कम से कम एक महिला उधारगृहीता (ऋण लेने वाला) को हरितक्षेत्र कृषि आधारित उद्यम स्थापित करने के लिए 10 लाख रूपये से 1 करोड़ रुपये तक का ऋण योजना का यूआरएल: www.standupmitra.in
उपलब्ध कराने की योजना है।
स्किल इन्डिया स्किल इन्डिया कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भारतीय युवाओं की प्रतिभा को विकसित करने के लिए अवसर, स्थान और क्षेत्र उपलब्ध कराना है। इस योजना के अन्तर्गत कौशल विकास के लिए नए व्यावसायिक क्षेत्र या विद्यमान व्यावसायिक क्षेत्र जहाँ पिछले कई वर्षों से कौशल विकास क्रियान्वित किये जा रहे हैं. को विकसित करना है।
योजना का यूआरएल:www.standupmitra.in
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